Azadi ka Amrit Mahatsav

राष्‍ट्रनिर्माण की यात्रा में माइलस्‍टोन :

16-09-1935 को पंजीकृत

1936 : 08-02-1936 को पुणे में व्‍यवसाय आरंभ।   

1944 : शेड्यूल बैंक का दर्जा प्राप्‍त।

1946 : जमाराशियां रु. एक करोड़ से अधिक हुई। पूर्ण अनुषंगी इकाई महाराष्‍ट्र एक्जि़क्‍यूटर एंड ट्रस्‍टी कंपनी का गठन। महाराष्‍ट्र के बाहर पहली शाखा हुबळी (मैसूर स्‍टेट, अब कर्नाटक) में खोली। 

1969 : 13 अन्‍य बैंकों के साथ राष्‍ट्रीयकरण। 19-12-1969 को करोलबाग शाखा के प्रारंभ से दिल्‍ली में प्रवेश।  

1974 : जमाराशि आधार रु.100 करोड़ से अधिक।

1976 : 26-08-1976 को मराठवाड़ा ग्रामीण बैंक पहले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्‍थापना।

1978 : भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई के करकमलों से प्रधान कार्यालय के नए  भवन का उद्घाटन। जमाराशियां रु.500 करोड़ से अधिक हुई।

1979 : किसानों को व्‍यापक और गहन सेवाएं प्रदान करने तथा अनुसंधान और विस्‍तार कार्य को गति देने के लिए पब्लिक ट्रस्‍ट के रूप में पंजीकृत ‘महाबैंक कृषि अनुसंधान व ग्रामीण विकास फाउंडेशन’ (मार्डेफ) की स्‍थापना की गई।

1985 : महाराष्‍ट्र राज्‍य की 500वीं शाखा नरीमन पॉइंट, मुंबई का उद्घाटन तत्‍कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा किया गया। शाखा में पहली एडवांस्‍ड लेजर पोस्टिंग मशीन (एएलपीएम) लगाई गई। डॉ. मनमोहन सिंह, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा स्‍वर्ण जयंती वर्ष का शुभारंभ।  

1987 : भारत के माननीय उप राष्‍ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के करकमलों से इंदिरा वसाहत, बिब्‍वेवाडी, पुणे बैंक की  1000वीं शाखा का उद्घाटन।

1991 : ‘महाबैंक किसान क्रेडिट कार्ड’ लॉन्‍च। घरेलू क्रेडिट कार्ड व्‍यवसाय में प्रवेश। मेन फ्रेम कंप्‍यूटर स्‍थापित किया गया। स्विफ्ट का सदस्‍य बना।  

1995 : हीरक जयंती समारोह - भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन मुख्‍य अतिथि। जमाराशियां रु.5000 करोड़ से अधिक।

2000 : जमाराशियों ने रु.10000 करोड़ का आंकड़ा पार किया।

2004 : शेयरों का पब्लिक इश्‍यू – जन सामान्‍य के पास 24% स्‍वामित्‍व। बीएसई तथा एनएसई में सूचीबद्ध।    

2005 : बैंकएश्‍योरेन्‍स तथा म्‍युच्‍युअल फंड वितरण व्‍यवसाय प्रारंभ।

2006 : कुल व्‍यवसाय का स्‍तर रु.50,000 करोड़ से अधिक। शाखा सीबीएस प्रोजेक्‍ट प्रारंभ।

2009 : राष्‍ट्र की समर्पित सेवा के 75वें वर्ष में प्रवेश। एकीकृत समग्र विकास हेतु 75 अल्‍प विकसित गांवों को गोद लिया।

2010 : शाखाओं का 100% सीबीएस पूर्ण। कुल व्‍यवसाय रु. एक लाख करोड़ से अधिक। प्‍लेटिनम वर्ष में 76 शाखाएं खोली गई जिससे कुल शाखाएं 1506 हो गई। प्‍लेटिनम जयंती वर्ष समापन समारोह विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में तत्‍कालीन वित्‍त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी के करकमलों से संपन्‍न हुआ। नई पहलों यथा महाचेतना, पुणे, मुंबई तथा दिल्‍ली में ई-लाउंज व माइक्रो आस्ति वसूली कक्ष की स्‍थापना का कार्यान्‍वयन।

2011 : पुणे में पहली स्‍व-सहायता समूह शाखा खोली गई। बैंक द्वारा प्रायोजित महाराष्‍ट्र ग्रामीण बैंक का रिकॉर्ड 77 दिनों में 100% सीबीएस पूर्ण। माननीय वित्‍त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी के करकमलों से  5 विशेषीकृत एसएचजी शाखाएं तथा 5 मिड-कार्पोरेट शाखाएं आरंभ कर 77वें स्‍थापना दिवस समारोह का शुभारंभ। दिनांक 07-11-2011 को बैंक के प्रधान कार्यालय, लोकमंगल में केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री माननीय श्री प्रणब मुखर्जी की प्रथम भेंट।   

2012 : 25.08.2012 को बैंक की 1624वीं शाखा राजागंभीरम का उद्घाटन माननीय केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री श्री पी. चिदंबरम द्वारा किया गया।

2012 : बैंक का कुल व्‍यवसाय रु.1,50,000 करोड़ पार कर रु.1,51,320 करोड़  के स्‍तर पर पहुंचा। बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र को संडे स्‍टैंडर्ड द्वारा 2012 के लिए “बेस्‍ट बैंकर - कस्‍टमर फ्रेंडलीनेस” के लिए पुरस्‍कृत किया। “आस्ति गुणवत्‍ता श्रेणी” के लिए श्रेष्‍ठ सार्वजनिक क्षेत्र बैंक के रूप में डन एंड ब्रैडस्‍ट्रीट – पोलॅरीस फाइनांशियल टेक्‍नॉलॉजी बैंकिंग अॅवॉर्ड 2012 प्राप्‍त। 24-25 नवंबर, 2012 को पुणे में बैंकॉन 2012 की मेजबानी की। माननीय केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री श्री पी. चिदंबरम ने कॉन्‍फ्रेन्‍स का उद्घाटन किया।    

2013 : दिल्‍ली में श्रीमती सोनिया गांधी ने रुपे क्रेडिट कार्ड लॉन्‍च किया। 15 अगस्‍त, 2013 को 50 शाखाएं खोली गई। कुल व्‍यवसाय रु.2.00 लाख करोड़ पार हुआ।

2015 : 26 नई शाखाएं; शाखा नेटवर्क 1889 पर पहुंचा। “महामोबाइल”- मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन लॉन्‍च किया। अपने डाटा सेंटर, डीआर सेंटर, पीएमओ तथा एचओ-आईटी के लिए आईएसओ 27001:2013 प्रमाणन।

2016 : बैंक ने रु.2.50 लाख करोड़ के माइलस्‍टोन आंकड़े को पार किया। इंटरनेट बैंकिंग हेतु एड ऑन एप्लिकेशन “महासिक्‍योर” – कार्यान्वित किया जिसके कारण कोई भी फिशिंग अटैक रिपोर्ट नहीं हुए।  

2017 : बैंक द्वारा रिटेल, कृषि तथा एमएसएमई पोर्टफोलियो बढ़ाने के लिए विशेषीकृत शाखाएं खोली गई।

2018 : एक विशेष दबावग्रस्‍त आस्ति प्रबंधन वर्टिकल (एसएएमवी) की स्‍थापना की गई।

         : पुणे में एक विशेषीकृत आवास वित्‍त शाखा खोली गई।

2019 : बैंक को विभिन्‍न सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म यथा फेसबुक, ट्विटर, लिंकेडिन, यूट्यूब तथा इन्‍स्‍टाग्राम व पिन्‍टरेस्‍ट पर लॉन्‍च किया गया।

         : बैंक के कर्मचारी प्रशिक्षण महाविद्यालय हेतु आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन।

2020 : डोरस्‍टेप बैंकिंग सेवाएं  

2021 : बैंक ने रु.3.00 लाख करोड़ का माइलस्‍टोन व्‍यवसाय आंकड़ा पार किया।

         : शाखाओं की कुल संख्‍या लैंडमार्क 2000 से अधिक।

         : आवास, कार और वैयक्तिक ऋण के लिए डिजिटल लेंडिंग प्‍लेटफॉर्म।

         : ऑनलाइन एमएसएमई ऋण के लिए फिनटेक से टाई-अप।

         : सुविधाजनक बैंकिंग के लिए वॉट्सएप बैंकिंग आरंभ।

         : प्रमुख महानगरों में आवास वित्‍त शाखाएं खोली गई।