Azadi ka Amrit Mahatsav

महा कृषि समृद्धि योजना (एमकेएसवाई

लक्ष्‍यसमूहस्‍टार्टअप सहित खाद्य और कृषि आधारित उद्योग तथा कृषि अवसंरचना परियोजनाएं
पात्रता
  1. व्‍यक्ति, स्वामित्व,साझेदारी, एफपीसी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां, पब्लिक लिमिटेड कंपनियां और सीमित देयता भागीदारी।
  2. ‘कृषि’ के अंतर्गत नई/ मौजूदा (अन्‍य बैंकों/ वित्‍तीय संस्‍थाओं से अधिग्रहण सहित) खाद्य और कृषि प्रसंस्‍करण इकाइयों को सभी अग्रिम
उद्देश्‍य
  1. नई परियोजना का वित्‍तपोषण/ मौजूदा इकाई का विस्‍तार यानी मौजूदा इकाई के अधिग्रहण सहित परियोजना लागत के आधार पर भूमि और भवन तथा संयंत्र और मशीनरी का अधिग्रहण/ निर्माण।
  2. अखिल भारतीय आधार पर उधारकर्ता इकाइयों को क्‍लस्‍टर दृष्टिकोण के साथ वित्‍तपोषित करना
सुविधाओं का प्रकारमीयादी ऋण, कार्यशील पूंजी/ निर्यात ऋण जैसे पूर्व-शिपमेंट और  शिपमेंट के बाद/ बिल खरीद/ बिल छूट आदि, एलसी, बीजीएस
प्रमात्रा
  • न्‍यूनतम-  रु. 10.00 लाख और अधिक
  • अधिकतम- रु. 100.00 करोड़ तक
अंतरसावधि ऋण : – न्‍यूनतम 25%
कार्यशील पूंजी : -स्‍टॉक्‍स और बुक करने की तिथि – न्‍यूनतम 25%।
ऋण रेटिंग
  1. आंतरिक ऋण रेटिंग रु. 25.00 लाख से 25 करोड़ से अधिक तक के कुल एक्‍सपोजर (निधि + गैर-निधि) वाले सभी खातों के लिए लागू है।
  2. बाहरी रेटिंग उन सभी खातों के लिए लागू है जिनका कुल एक्‍सपोजर  (निधि और गैर-निधि आधारित) रु. 25.00 करोड़। (न्‍यूनतम ऋण जोखिम रेटिंग “ बीबीबी ” होगी।)
ब्याज़ दर

जोखिम आधारित मूल्‍य निर्धारण के अनुसार

न्‍यूनतम - 7.35% प्रति वर्ष

अधिकतम - 8.30% प्रति वर्ष

ब्याज़ दर में सीएमआर उधारकर्ताओं के लिए रियायत
  1. सीएमआर 1 और 2 वाले उधारकर्ताओं के लिए 0.50% की दर से अतिरिक्‍त छूट की अनुमति दी जाएगी
  2. सीएमआर 3 और 4 वाले उधारकर्ताओं के लिए 0.25% की दर से अतिरिक्‍त रियायत की अनुमति दी जाएगी
  3. आरओआई में उपरोक्‍त सभी रियायतों के साथ, प्रभावी ब्याज़ दर बराबर होना चाहिए एमसीएमआर / आरएलएलआर
पुनर्भुगतान

सावधि ऋण: अधिकतम अवधि 7 वर्ष तक (अधिस्‍थगन अवधि सहित)।

कार्यशील पूंजी: मांग पर पुनर्भुगतान योग्य

समीक्षा / नवीकरण

पात्र कार्यशील पूंजी: प्रतिवर्ष समीक्षा/ नवीनीकरण

सावधि ऋण: रु.25.00 लाख और उससे अधिक के सावधि ऋण की वार्षिक समीक्षा

प्रोसेसिंग शुल्‍क
  • सिबिल एमएसएमई रैंक सीएमआर-1 और सीएमआर-2 के साथ उधारकर्ताओं/ इकाइयों के लिए निल प्रोसेसिंग शुल्‍क
  • सीएमआर 3 और सीएमआर-4 के साथ उधारकर्ताओं/ इकाइयों के लिए लागू प्रोसेसिंग शुल्‍क में 50% की छूट
  • सीएमआर 5 और सीएमआर-6 के साथ उधारकर्ताओं/ इकाइयों के लिए लागू प्रोसेसिंग शुल्‍क में 25 % की छूट और बिना रेटिंग के।

योजना के लिए व्याप्ति और संभावना क्षेत्र

योजना की अनूठी विशेषताएं: -

  • पूरे भारत में क्‍लस्‍टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया गया।
  • मौजूदा/ नई कृषि और खाद्य प्रसंस्‍करण इकाइयों तथा कृषि अवसंरचना परियोजना को आकर्षित करने के लिए
  • अधिकतम ऋण राशि रु.100 करोड़ तक है।
  • ब्‍याज की रियायती दर
  • शून्‍य प्रोसेसिंग शुल्‍क
  • क्‍लस्‍टर अनुसार सांकेतिक गतिविधियों की पहचान एमओएफपीआई, भारत सरकार के ओडीओपी निर्देश और डीए एवं एफडब्‍ल्‍यू, भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार की जाती है,
  • अंचल उन परियोजनाओं पर भी ध्‍यान केंद्रित कर सकते हैं जो कलस्टर/ जिलों में उपलब्‍ध हैं, साथ ही विशिष्‍ट क्षेत्र आधारित योजना/ योजनाओं को तैयार करने के साथ-साथ उपरोक्‍त उत्‍पाद के अंतर्गत बड़े पैमाने पर व्‍यावसायिक अवसर प्राप्‍त करने के लिए संकेतक सूची है।
  • योजना के अंतर्गत परियोजना की मंजूरी विभिन्‍न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्राप्‍त करने के लिए पात्र हो सकती है। राज्‍य/ केंद्र सरकार द्वारा जारी संबंधित योजना दिशानिर्देशों के अनुसार योजना।
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