पशुपालन

पशुपालन
सुविधा का प्रकारसावधि ऋण (टीएल) और / या नकदी ऋण (सीसी)
प्रयोजन
  • गायों/ भैंसों आदि जैसे दुधारू पशुओं की खरीद
  • बैल/ ऊंट आदि जैसे ड्राफ्ट पशु की खरीद
  • पोल्ट्री: ब्रोइलर/ लेयर फार्म, हैचर, फीड मिल
  • भेड़ / बकरी: पालन
  • खटाल का निर्माण, उपकरण / मशीनरी की खरीद
  • कार्यशील पूंजी आवश्यकताएं
पात्रता
  • सभी किसान- व्यक्तिगत / संयुक्त भूमिधारक
  • काश्‍तकार, बंटाईदार, मौखिक पट्टेदार
  • किसानों के एसएचजी/ जेएलजी

(जिनके पास आवश्यक विशेषज्ञता है)
रकम
  • पशु: नाबार्ड इकाई लागत के अनुसार
  • अन्य: परियोजना लागत / अनुमान / मूल्य कोटेशन के रूप में।
मार्जिन
  • 1.00 लाख रुपये तक सीमा - शून्‍य
  • 1.00 लाख से ऊपर तक सीमा - 15% से 25%

(उद्देश्य और वित्त की मात्रा के आधार पर)
ब्याज की दरकृषि अग्रिमों पर लागू ब्‍याज दर
सुरक्षा
  • खरीदे जाने वाले पशु / संयंत्र मशीनरी का दृष्टिबंधन
  • तीसरी पार्टी गारंटी (दो) / भूमि का बंधक।
पुनर्भुगतानउपयुक्त मासिक / त्रैमासिक / अर्ध वार्षिक किस्तों के साथ 3 से 7 वर्षों के भीतर।
अन्य नियम और शर्तेंखरीदे गए सभी जानवरों / पक्षियों और उपकरणों / मशीनरी का बीमा आवश्यक है।
पेपर आवश्यकता
  1. ऋण आवेदन यानी फॉर्म संख्या -138, और संलग्नक बी 2
    • सभी 7/12, 8 ए, 6 डी के सार, आवेदक का चतुर्सीमा
    • पीएसीएस समेत आसपास के वित्तीय संस्थानों से आवेदक का बेबाकी प्रमाणपत्र
    • जहां भूमि बंधक होनी है वहां 1 लाख रुपये से ऊपर के ऋण के लिए बैंक के पैनल पर मौजूद वकील से कानूनी खोज
    • ऋण के उद्देश्य के आधार पर मूल्य कोटेशन/ योजना अनुमान/ अनुमतियां इत्यादि
  2. गारंटी फॉर्म एफ -138
    • गारंटीकर्ता के सभी 7/12, 8 ए और पीएसीएस बकाया प्रमाणपत्र