कोविड-19 महाबैंक किसान राहत योजना (कृषि आधारित उद्योगों/ इकाईयों हेतु)

उद्देश्य

कोविड-19 से उत्पन्न होने वाली आकस्मिक निधि असंतुलन को पूरा करना

सुविधा का प्रकार

निधि आधारित : कार्यशील पूंजी/ अल्पावधि ऋण

पात्रता

कृषि अवसंरचना/ एग्रो अनुषंगी गतिविधियों के अंतर्गत वर्गीकृत और मंजूरी के दिनांक तक मानक सभी खाते (दिनांक 23.03.2020 को एसएमए 2 के रूप में वर्गीकृत खातों को छोड़कर) पात्र हैं। उदाहरणस्वरूप –

  1. खाद्य एवं एग्रो प्रोसेसिंग उद्योग
  2. कोल्ड स्टोरेज
  3. ग्रामीण गोडाउन/ मालगोदाम
  4. दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद के उद्योग
  5. मुर्गीपालन एवं मत्स्यपालन उद्योग
  6. कृषि क्लीनिक एवं कृषि व्यवसाय केन्द्र
  7. ऊर्वरक, कीटनाशक, बीज, कृषि मशीनरी आदि के विक्रेता

वित्त की प्रमात्रा

  • मौजूदा निधि आधारित कार्यशील पूंजी ऋण सुविधाओं का अधिकतम 10%, अधिकतम रु.10 करोड़ ।
  • मौजूदा ग्राहक जिन्होंने नियत दिनांक को ईओडी/ एसटीएल का पुनर्भुगतान किया है।
  • उपरोक्त सुविधा निर्धारित बैंक वित्त के अतिरिक्त होगी।
  • स्वीकृत ऋण व्यवस्था कोविड-19 का 10% मामला-दर-मामला आधार पर परिचालन व्यय के भुगतान के लिए बेजमानती आधार पर स्वीकृत किया जा सकता है।

अवधि

अधिकतम 12 महीनों तक (6 माह की अधिस्थगन अवधि को छोड़कर)

अधिस्थगन

प्रथम संवितरण के दिनांक से अधिकतम 6 माह की अवधि तक
संवितरण और पुनर्भुगतान
  • उधारकर्ता स्वीकृत राशि का लाभ एक बार में या किस्तों में उठा सकता है।
  • इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण ऋण का पुनर्भुगतान अधिस्थगन अवधि को छोड़कर अधिकतम 12 महीने की अवधि के भीतर करना होगा। (अर्थात् 12 मासिक किस्तों में/ 4 तिमाही किस्तों में/ 2 अर्धवार्षिक किस्तों में)
  • यदि सीमाएँ किस्तों में प्राप्त की जाती हैं, तो किस्तों का पुनर्भुगतान/ परिसमापन संवितरण का प्रथम दिनांक (अधिस्थगन अवधि को छोड़कर) या मंजूरी सीमा की वैधता, इसमें से जो भी पहले हो, से 12 महीनों में किया जाना चाहिए।
  • उधारकर्ता शीघ्र पुनर्भुगतान कर सकता है। किस्तों/ ऋण के पुनर्भुगतान/ शीघ्र तरलता के मामले में उधारकर्ता को एक बार में या किश्तों में दोबारा आहरण हेतु आवेदन करने की अनुमति दी जा सकती है। तथापि, आगामी आहरणों को भी उपर्युक्तानुसार परिसमाप्त किया जाना चाहिए।
  • सुविधा को उधारकर्ता हेतु एक विगोपन के रूप में माना जाएगा और भारतीय रिज़र्व बैंक के विवेकपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।
  • यह सुविधा केवल निधि आधारित सीमा के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
  • ब्याज (अधिस्थगन अवधि सहित) जब कभी भी लागू हो आधार पर लगाया जाएगा।
योजना की वैधता यह योजना 30.06.2020 तक जारी रहेगी।
मार्जिन शून्य
प्राप्यों के संबंध में, आवश्यकता पड़ने पर सुविधा की समाप्ति तक वर्तमान में मंजूर अवधि के अलावा 3 माह की अतिरिक्त कवर अवधि मुहैया कराई जाए।
ब्याज दर सीआरआर और संपार्श्विक सुरक्षा कवरेज के अनुसार, मौजूदा मानदंडों के अनुसार लागू।
प्रतिभूतिउधारकर्ता के वर्तमान और भविष्य की संपूर्ण चालू आस्तियों का दृष्टिबंधन। प्राथमिक प्रतिभूति/ संपार्श्विक प्रतिभूति पर प्रभारों का विस्तारण। (लागू अनुसार आरओसी में प्रभार नोट किया जाए)
प्रथम संवितरण की दिनांक से अधिकतम एक माह के भीतर प्रतिभूति का निष्पादन किया जाए।
गारंटीमौजूदा गारंटीदाता, यदि कोई हो, तो उसे जारी रखा जाए।
बीमा बैंक को प्रभारित सभी प्रतिभूतियों का बैंक खण्ड के साथ व्यापक बीमा किया जाना चाहिए।
प्रोसेसिंग शुल्क छूट दी जाए।
दस्तावेजीकरण प्रभार छूट दी जाए।
पूर्वभुगतान प्रभार शून्य
अन्य
  • यह सीमा मौजूदा मंजूर सीमा के अतिरिक्त होगी।
  • यह सुविधा उधारकर्ता के विशेष अनुरोध पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें यह उल्लेख होगा कि कोविड-19 से उसके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
  • आहरण शक्ति आवश्यक सीमा तक नहीं होने के बावजूद मामला-दर-मामला आधार पर परिचालन व्ययों के भुगतान के लिए बेजमानती आधार पर पात्र सीमा के 10% की मंजूरी दी जा सकती है।
  • कार्यशील पूंजी/ मांग ऋण के लिए निर्धारित आईआरएसी मानदंड लागू होंगे।
  • बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार अंतिम उपयोग की जांच की जानी चाहिए।
  • यह सुविधा पुनर्गठित खातों के लिए नहीं है।
  • संघीय/ एमबीए खातों के मामले में उधारकर्ता द्वारा अतिरिक्त सुविधा के अनुरोध तथा कंसोर्शियम के कार्यवृत्त पर विचार विमर्श किया जाना चाहिए, जबकि एकाधिक बैंकिंग व्यवस्था के अंतर्गत वाले खातों के मामले में व्यक्तिगत मूल्यांकन पर विचार किया जाना चाहिए।
  • बैंक के अन्य दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।