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एफसीएनआर

विदेशी मुद्रा (अनिवासी) खाता (बैंक) योजना – एफसीएनआर (बी) जमाराशि

 

  • यह खाता अनिवासी भारतीय और समुद्रपारीय कंपनी निकाय (ओ.सी.बी.) द्वारा खोला जा सकता है।
  • खाता अनिवासी खातेदार द्वारा स्वयं खोला जाना चाहिए न कि मुख्तारनामा धारक द्वारा।
  • ये खाते कम से कम एक वर्ष की अवधि के साथ सावधि जमा के रूप में होते हैं। परिपक्वता अवधि एक वर्ष से तीन वर्ष होती है। यह खाता विदेशी मुद्रा में बनाए रखा जाएगा। आपको केवल विदेशी मुद्रा में जमाराशियों पर ब्याज मिलेगा।
  • खाता खोलना:
    • विदेश से धन-प्रेषण,
    • खातेदार की अस्थायी भेंट के दौरान विदेशी मुद्रा के नोट/ यात्री चेक के आगम,
    • ड्राफ्ट/ वैयक्तिक चेक के आगम,
    • वर्तमान विदेशी मुद्रा अनिवासी खाते/ उसी व्यक्ति के अनिवासी खातों से अंतरण

प्रत्यावर्तन

इस खाते में रखी निधि उस पर अर्जित ब्याज समेत प्रत्यावर्तनीय है।

संयुक्त खातेदार

संयुक्त खाते दो या अधिक एनआरआई और / या पीआईओ द्वारा या किसी निवासी रिश्तेदार (एस) के साथ एनआरआई / पीआईओ द्वारा खोले जा सकते हैं 'पूर्व या उत्तरजीवी' आधार हालांकि, एनआरआई / पीआईओ खाता धारक के जीवन काल के दौरान, निवासी रिश्तेदार खाता संचालित कर सकता है केवल पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के रूप में।

कर लाभ

इन जमाराशियों पर अर्जित ब्याज के रूप में आय को आयकर से छूट प्राप्त है। इन खातों में रखा शेष संपत्ति कर से मुक्त है।

नामांकन सुविधा

एफसीएनआर (बी) जमाराशि के लिए नामांकन सुविधा उपलब्ध है।

खाते का निधियन

आप निम्नानुसार खाता खोल सकते हैं

  • विदेश से धन-प्रेषण,
  • विदेशी मुद्रा के नोट के आगम,
  • यात्री चेक/ वैयक्तिक चेक/ ड्राफ्ट के आगम,
  • आपके मौजूदा एनआरई/ एफसीएनआर खाते से अंतरण

घर आने वाले भारतीयों के लिए सुविधाएँ

  • अनिवासी भारतीय जो विदेश में निरंतर कम से कम एक वर्ष रह चुका है, उसे अपना निवेश विदेश में बैंक जमा, शेयर्स, प्रतिभूतियाँ, व्यवसाय तथा अचल संपत्तियों में रखने की अनुमति उसके भारत में स्थायी रूप से वापस आने के बाद भी 9 वर्ष की अवधि के लिए दी जाती है।
  • निवासी विदेशी मुद्रा खाता (आर.एफ.सी.) खोलने की पात्रता।
  • स्थायी रूप से वापस आने वाले अनिवासी भारतीय विदेश में न्यूनतम एक वर्ष निरंतर रहने के बाद भारत में बैंकों के साथ निवासी विदेशी मुद्रा खाता (आर.एफ.सी.) खोल सकते हैं। एक वर्ष से कम अवधि के बाद लौटने वाले अनिवासी भारतीय को ऐसा खाता खोलने के लिए भा.रि.बैंक की अनुमति प्राप्त करनी चाहिए।